भारतीय क्रिकेट टीम में सेलेक्शन के लिए यो-यो और डेक्सा टेस्ट अनिवार्य, जाने इसके बारे में

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  • बीसीसीआई ने भारतीय क्रिकेट टीम के चयन से जुड़ी पात्रता में बड़े बदलाव किये हैं।

  • यो-यो टेस्ट को भी फिर से शुरू किया गया है।

भारतीय क्रिकेट टीम में सेलेक्शन के लिए यो-यो और डेक्सा टेस्ट अनिवार्य, जाने इसके बारे में
भारतीय क्रिकेट टीम में सेलेक्शन के लिए यो-यो और डेक्सा टेस्ट अनिवार्य (फोटो: ट्विटर)
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भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को मैच खेलने से पहले फिटनेस टेस्ट देने होते हैं। इस दौरान खिलाड़ियों के दमखम का आकलन किया जाता है। बता दें, फिटनेस के सही आकलन के लिए अब तक खिलाड़ियों को यो यो टेस्ट देना होता था। इस बीच बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के लिए एक और जाँच को अनिवार्य कर दिया है। अब खिलाड़ियों के सेलेक्शन का आधार यो-यो टेस्ट के अलावा डेक्सा (DEXA) भी होगा। अगर डेक्सा स्कैन में कोई समस्या आती है तो खिलाड़ियों का सेलेक्शन नहीं होगा।

हाल ही में बीसीसीआई द्वारा आयोजित एक समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सिलेक्शन प्रक्रिया और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर से डेक्सा टेस्ट को लाया जा रहा है। इसके अलावा मीटिंग में यह भी तय किया गया कि अब टीम में सेलेक्शन को लेकर युवा और उदीयमान खिलाड़ियों को पर्याप्त घरेलू क्रिकेट खेलना होगा।

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के इंजरी से निपटने के लिए यो यो टेस्ट और डेक्सा टेस्ट को अनिवार्य किया है। यो यो टेस्ट की बात करें तो इसमें क्रिकेट पिच की लंबाई के अनुसार 20 मीटर की दुरी में दो पॉइंट तय किये जाते हैं। प्लयेर पॉइंट ए से दौड़ना शुरू कर पॉइंट बी तक दौड़ लगाता है, और फिर घूमकर पॉइंट ए पर वापस आता है। यानी एक बार में 40 मीटर कवर करना होता है। इसके बाद एक 5 मीटर का रिकवरी ज़ोन होता है। इसे आराम से दौड़कर प्लेयर वापस पॉइंट ए पर पहुंच जाता है, और अगले लेवल के लिए तैयार होता है। हर लेवल में प्लेयर से स्पीड बढ़ाने को कहा जाता है। हर लेवल का टोटल टाइम देखकर प्लेयर का रिज़ल्ट आंका जाता है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट में 23 में से 16.5 अंक लाने होते थे।

डेक्सा टेस्ट की बात करे तो इसे डुअल एनर्जी एक्स-रे एबसोर्पशनमेट्री टेस्ट कहा जाता है। इस टेस्ट में स्पेक्ट्रल इमेजिंग के जरिए एक प्लेयर की बोन मिनरल डेंसिटी चेक की जाती है। इस दौरान डेक्सा मशीन की मदद से हड्डियों के डेंसिटी को परखा जाता है। कुल मिलाकर यह हड्डियों की मजबूती की जांच के लिए करवाया जाता है। इसके अलावा, डेक्सा टेस्ट के जरिए बॉडी का फैट पर्सेंट, भार और टिश्यू के बारे में भी जानकारी मिलती है। गौरतलब है कि इस समय कई महत्वपूर्ण भारतीय खिलाड़ी चोटिल हैं और उन्हें चोट से उबरने में लंबा वक्त लग रहा है। ऐसे में डेक्सा टेस्ट उपयोगी साबित हो सकता है।

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श्रेणी: भारत

लेखक के बारे में:
टी-20 के दौर में टेस्ट के दीवाने.. विराट कोहली के बड़े प्रशंसक...बाकी स्पोर्ट्स जर्नलिज्म के बारीकियों को समझने समझाने में व्यस्त।अभिनय से संपर्क करने के लिए abhinay.pratap@crickettimes.com पर ईमेल करें।
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