भारत के युवा क्रिकेट स्टार यशस्वी जायसवाल ने 2025-26 के घरेलू सत्र के लिए मुंबई छोड़कर गोवा जाने के अपने फैसले पर खुलकर बात की है। मुंबई टीम के अहम खिलाड़ी रहे जायसवाल ने इस हफ्ते मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा, जिससे साफ हो गया कि वह अपने करियर में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं।
इस कदम के पीछे कारण
जायसवाल ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने करियर को आगे बढ़ाने और नए मौके पाने के लिए लिया है। गोवा ने उन्हें कप्तानी का मौका दिया, जिसे वे अपने विकास के लिए अहम मानते हैं। उन्होंने कहा, “गोवा ने मुझे नया अवसर और कप्तानी की जिम्मेदारी दी है। मेरा पहला लक्ष्य भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है। जब भी मैं टीम इंडिया के साथ नहीं रहूंगा, तब मैं गोवा के लिए खेलूंगा और टीम को टूर्नामेंट में आगे ले जाने की कोशिश करूंगा।”
मुंबई को मुश्किल विदाई
जायसवाल ने माना कि मुंबई ने उनके करियर में बड़ी भूमिका निभाई है और इसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा, “आज मैं जो कुछ भी हूँ, वह मुंबई की वजह से हूँ। इस शहर ने मुझे एक क्रिकेटर के रूप में तैयार किया, और मैं हमेशा एमसीए का शुक्रगुजार रहूंगा।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गोवा का मौका उनके करियर के लिए बहुत खास था, जिसे वे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते थे।
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कैरियर उपलब्धियां
जायसवाल का मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने 2019 में डेब्यू करने के बाद से अब तक 36 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 60.85 की औसत से 3,700 से ज्यादा रन बनाए हैं। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। खासकर इस साल की शुरुआत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में वह भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने।
हाल के समय की चुनौतियाँ
पिछला सीजन जायसवाल के लिए मुश्किल भरा रहा। रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, जिससे उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, टखने में दर्द की वजह से उन्हें एक और मैच से बाहर बैठना पड़ा। इन चुनौतियों ने शायद उन्हें नए मौके तलाशने के लिए प्रेरित किया।
गोवा की योजनाएँ
गोवा क्रिकेट एसोसिएशन ने रणजी ट्रॉफी के एलीट डिविजन में जगह बनाने के बाद अपनी टीम को मजबूत करने के लिए जायसवाल को शामिल करने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में, गोवा को घरेलू क्रिकेट में आगे बढ़ने की उम्मीद है।